क्या है कि अपने आप में मग़रूर है बहुत वो शख़्स हम से इस लिए तो दूर है बहुत हम को हमारा कूचा भी पहचानता नहीं और वो कि अपने शहर में मशहूर है बहुत
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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ये ज़िन्दगी कुछ इस तरह से पास मेरे आई है अब तो अमित केवल यहाँ तन्हाई ही तन्हाई है
Daqiiq Jabaalii
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मैं उसे जानता हूँ अच्छे से मत कहो यार तुम बुरा उस को
Daqiiq Jabaalii
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काश ऐसा शख़्स आए ज़िन्दगी में बात अपने दिल की जिस सेे कर सकूँ मैं
Daqiiq Jabaalii
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एक तरफ़ा किया है इश्क़ अमित तुम ने तो सो उसे बे-वफ़ा कह कर के बुलाएँ कैसे
Daqiiq Jabaalii
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मुझ को उस लड़की से मिल कर के हुआ इक फ़ाएदा ये मेरा अंदाज़ यारों शायराना हो गया
Daqiiq Jabaalii
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