एक तरफ़ा किया है इश्क़ अमित तुम ने तो सो उसे बे-वफ़ा कह कर के बुलाएँ कैसे
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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ज़ीस्त की सम्त से ताज़ीर बराबर आई पर मुबीं होता नहीं ग़लती हमारी क्या है
Daqiiq Jabaalii
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ये ज़िन्दगी कुछ इस तरह से पास मेरे आई है अब तो अमित केवल यहाँ तन्हाई ही तन्हाई है
Daqiiq Jabaalii
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तुझे भी ज़िंदगी से ग़म मिला है मुझे फिर कौन सा कुछ कम मिला है
Daqiiq Jabaalii
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फूलों किताबों तितलियों दरिया दिवारों से ग़म बाँटता हूँ अपना इन्हीं ग़म-गुसारों से
Daqiiq Jabaalii
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ये तआक़ुब में फ़क़त अहल-ए-हवस हैं प्यारे ये भरम छोड़ कि उश्शाक़ बहुत हैं मेरे
Daqiiq Jabaalii
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