कभी कभी भली आदत भी मार देती है हमारे जैसों को चाहत भी मार देती है
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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अब दोस्त कोई लाओ मुक़ाबिल में हमारे दुश्मन तो कोई क़द के बराबर नहीं निकला
Munawwar Rana
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क्या बोला मुझे ख़ुद को तुम्हारा नहीं कहना ये बात कभी मुझ सेे दुबारा नहीं कहना ये हुक़्म भी उस जान से प्यारे ने दिया है कुछ भी हो मुझे जान से प्यारा नहीं कहना
Ali Zaryoun
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मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
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मेरे हाथों में अपना हाथ रख कर कहा उस ने कभी ये हाथ तो न छोड़ोगे
Shaad Imran
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उस लड़की के जाने से बस ये बदला प्यारी-प्यारी ग़ज़लें होना छूट गई
Shaad Imran
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अब्र जब भी गुज़रते हैं गली से रंग चुरा लेते है तेरी ओढ़नी से
Shaad Imran
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अपना मिलना है, ख़ास लोगों से या'नी की बस उदास लोगों से
Shaad Imran
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आजकल हम जफ़ा पे लिखते हैं या'नी तेरी अदा पे लिखते हैं
Shaad Imran
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