मेरे हाथों में अपना हाथ रख कर कहा उस ने कभी ये हाथ तो न छोड़ोगे
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तुम ने बस बाज़ार में जलवे देखे हैं हम ने भीड़ में खोते बच्चे देखे हैं
Shaad Imran
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उस लड़की के जाने से बस ये बदला प्यारी-प्यारी ग़ज़लें होना छूट गई
Shaad Imran
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अब्र जब भी गुज़रते हैं गली से रंग चुरा लेते है तेरी ओढ़नी से
Shaad Imran
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कभी कभी भली आदत भी मार देती है हमारे जैसों को चाहत भी मार देती है
Shaad Imran
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इश्क़ कोई हवस का खेल नहीं या'नी बस दस्तरस का खेल नहीं ज़िंदगी तो बहुत ही अच्छी है हाँ मगर अपने बस का खेल नहीं
Shaad Imran
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