कभी तुझ सेे मिलेंगे तो कहेंगे झूठ तुझ सेे हम न तेरी फ़िक्र करते हैं न तुझ को याद करते हैं
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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इसीलिए तो मैं रोया नहीं बिछड़ते समय तुझे रवाना किया है जुदा नहीं किया है
Ali Zaryoun
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
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फ़क़त अपनी तकलीफ़ दिखती है तुझ को कभी तू समझता है इंसान मुझ को
Sapna Moolchandani
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शिकस्ता दिल शब-ए-ग़म दर्द रुसवाई अरे इतना तो चलता है मुहब्बत में
Sapna Moolchandani
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अब ये सोचा है बस ख़ुश रहेंगे दिल उदासी से उकता गया है
Sapna Moolchandani
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वो मेरी ज़िन्दगी का आख़िरी ग़म था उसी ने मुझ को ख़ुश रहना सिखाया है
Sapna Moolchandani
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यहाँ मौत का ख़ौफ़ कुछ यूँँ है सब को कि जीने की ख़ातिर मरे जा रहे हैं
Sapna Moolchandani
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