कभी उस को कभी ख़ुद को किसी को याद आऊँ मैं उदासी ख़त्म होए तो किसी का प्यार पाऊँ मैं
Related Sher
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
135 likes
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
263 likes
किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
162 likes
More from Amanpreet singh
उसे तर्क-ए-मोहब्बत से नहीं कोई परेशानी इसी इक बात ने दिल में परेशानी बढ़ाई है
Amanpreet singh
0 likes
उसे मुझ सेे शिकायत एक ये भी थी मुझे उस सेे मोहब्बत ही हुई थी क्यूँ
Amanpreet singh
0 likes
मुझे कहना नहीं था पर मेरी मानो गले लग कर उसे तो अब भुला लो तुम
Amanpreet singh
0 likes
कब तलक वो याद आएगी मुझे भी कब तलक बस शा'इरी से काम होगा
Amanpreet singh
0 likes
मिरी मानो अभी ख़ुद को बचा लो तुम उसे अपने बदन से कर जुदा लो तुम
Amanpreet singh
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Amanpreet singh.
Similar Moods
More moods that pair well with Amanpreet singh's sher.







