कैसे किसी की याद हमें ज़िंदा रखती है एक ख़याल सहारा कैसे हो सकता है
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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उस की फ़ितरत में न था तर्क-ए-त'अल्लुक़ लेकिन दूसरे शख़्स को इस नहज पे पहुँचा देना
Jawwad Sheikh
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मैं ऐसी उम्र से दुख झेलने लगा 'जव्वाद' जो आम तौर पे होती है खेलने वाली
Jawwad Sheikh
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किसी के सर्द रवय्ये पे ख़ामुशी का लिहाफ़ ये इंतिक़ाम भी क्या इंतिक़ाम होता है
Jawwad Sheikh
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मुझे फ़ना कर दे फ़ना भी ऐसा कि जिस की कोई मिसाल न हो
Jawwad Sheikh
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क्या है जो हो गया हूँ मैं थोड़ा बहुत ख़राब थोड़ा बहुत ख़राब तो होना भी चाहिए
Jawwad Sheikh
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