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अब उस सेे दोस्ती है जिस सेे कल मुहब्बत थी अब इस सेे ज़्यादा बुरा वक़्त कुछ नहीं है दोस्त

Vishal Singh Tabish

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बता रहा है झटकना तेरी कलाई का ज़रा भी रंज नहीं है तुझे जुदाई का मैं ज़िंदगी को खुले दिल से खर्च करता था हिसाब देना पड़ा मुझ को पाई-पाई का

Azhar Faragh

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सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो

Nida Fazli

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ऐसा नहीं बस आज तुझे प्यार करेंगे ता'उम्र यही काम लगातार करेंगे सरकार करेगी नहीं इस देश का उद्धार उद्धार करेंगे तो कलाकार करेंगे

Tanoj Dadhich

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लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँँ हैं इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँँ हैं मोड़ होता है जवानी का सँभलने के लिए और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँँ हैं

Rahat Indori

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