sherKuch Alfaaz

कमाईं हैं अभी तक यूँँ बहुत सी डिग्रियाँ मैं ने मगर देखो तुम्हारे इश्क़ ने 'शा'इर' बना डाला

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तुम्हें नाज़ है हुस्न पर तो सुनो तुम मुझे भी जुदाई का अब डर न होता

Shashank Shekhar Pathak

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यही सोचता हूँ मैं हर पल मिरी जाँ कि मुझ सेे जुदा क्यूँँ है तक़दीर तेरी वो बिंदी, वो काजल, वो कानों में झुमके रुलाती है अक्सर वो तसवीर तेरी

Shashank Shekhar Pathak

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मेरे ख़्वाब नहीं पूरे होते हाँ नींद से मैं अब डरता हूँ तेरी याद अगर आ जाए तो तस्वीर से बातें करता हूँ

Shashank Shekhar Pathak

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के मैं हूँ, नहीं पर वो तलबगार है मेरा के इश्क़ में दिल जिस के गिरफ़्तार है मेरा अब अक्स नज़र आता है, हर शख़्स में उस का अब लगता नहीं कोई वफ़ादार है मेरा

Shashank Shekhar Pathak

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साज़ ख़ामोश कि इक टूटते संगीत के नाम प्यार में हम ने किए गीत समर्पन कितने तौबा ये तमकनत-ए-हुस्न इलाही तौबा एक श्रृंगार को तोड़े गए दर्पन कितने

Shashank Shekhar Pathak

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