तुम्हें नाज़ है हुस्न पर तो सुनो तुम मुझे भी जुदाई का अब डर न होता
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
More from Shashank Shekhar Pathak
साज़ ख़ामोश कि इक टूटते संगीत के नाम प्यार में हम ने किए गीत समर्पन कितने तौबा ये तमकनत-ए-हुस्न इलाही तौबा एक श्रृंगार को तोड़े गए दर्पन कितने
Shashank Shekhar Pathak
0 likes
हवा मेरे अपनों ने दी थी नहीं तो जलाया किसी ने मिरा घर न होता
Shashank Shekhar Pathak
0 likes
किसी का गर सुकूँ हो तो किसी का मसअला हो तुम दुआ हो तुम दवा हो तुम मरज़ हो तुम बला हो तुम
Shashank Shekhar Pathak
0 likes
तेरी अंँगड़ाई के आलम का ख़याल आया जब ज़ेहन-ए-वीरांँ में खनकने लगे कंगन कितने
Shashank Shekhar Pathak
1 likes
ऐसे बिछड़े हैं हम दोनों अब के मुश्किल मिल पाना है इक काग़ज़ की कश्ती है और पार दरिया के जाना है
Shashank Shekhar Pathak
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shashank Shekhar Pathak.
Similar Moods
More moods that pair well with Shashank Shekhar Pathak's sher.







