ख़ामोशी खा गई मेरा कमरा चीख़ता रहता वीरानी से घर मैं भी ख़ूँ थूकना चाहता हूँ कोई तो फारिहा हो मुयस्सर
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हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है
Bashir Badr
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जो दुनिया को सुनाई दे उसे कहते हैं ख़ामोशी जो आँखों में दिखाई दे उसे तूफ़ान कहते हैं
Rahat Indori
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जब भी दीवाना कोई राह भटक जाता है सब से पहले तो मेरा आप पे शक जाता है
Vikram Gaur Vairagi
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बिछड़ गया हूँ मगर याद करता रहता हूँ किताब छोड़ चुका हूँ पढ़ाई जारी है
Ali Zaryoun
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उस ने सारी दुनिया माँगी मैं ने उस को माँगा है उस के सपने एक तरफ़ हैं मेरा सपना एक तरफ़
Varun Anand
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ज़बरदस्ती पकड़े हुए हैं तू और मैं कि चल छोड़ देते हैं अब ये मोहब्बत
Jagveer Singh
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केक पे लिखवाया यारों ने तेरा नाम काँपते हाथों से हम ने केक काटा ज़िंदगी के खुल गए थे दोनों ही कान वक़्त ने इक रोज़ मारा ऐसा चाटा
Jagveer Singh
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वही हुआ है जो होना तय था जो तय है आगे वही होना ये मसअला क्यूँँ भला जो तय है वही हुआ उस पे क्या रोना अगर है बस में जो सब ख़ुदा के तो उस के बंदों तुम्हें क्या फ़िक्र हैं रिंद हम होना है जो भी गर हमारा हम से ही वो होना
Jagveer Singh
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ज़मीन पर मनुष्य को ही ख़तरा है मनुष्य से यहाँ-वहाँ मनुष्य डरता फिरता है मनुष्य से ख़ुदा ने भूक और मनुष्य ने बनाया इश्क़ को ख़ुदा का काम ज़्यादा जानलेवा है मनुष्य से
Jagveer Singh
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मुहब्बत को बचाने की यही है आख़िरी इक राह पुरोहित से रहो तुम दूर और मुल्ला से तो बच कर
Jagveer Singh
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