खद्दर पहन के बेच रहा था शराब वो देखा मुझे तो हाथ में झंडा उठा लिया मैं भी कोई गँवार सिपाही न था जनाब मैं ने भी जाम फेंक के डंडा उठा लिया
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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चेहरा धुँदला सा था और सुनहरे झुमके थे बादल ने कानों में चाँद के टुकड़े पहने थे इक दूजे को खोने से हम इतना डरते थे ग़ुस्सा भी होते तो बातें करते रहते थे
Vikram Gaur Vairagi
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मुत्तकी हो गया ख़ौफ़-ए-बीवी से मैं अब इबादत का सौदा मेरे सर में है मैं ने दाढ़ी बढ़ाई तो कहने लगी अब कमीना ये हूरों के चक्कर में है
Paplu Lucknawi
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मैं क्या करूँँ मेरी बेगम सुहाग ढूँढ़े है मेरे बुझे हुए चूल्हे में आग ढूँढ़े है वो दिन गए कि उड़ाते थे फ़ाख़्ताएँ हम सपेरा चूहे के इक बिल में नाग ढूँढ़े है
Paplu Lucknawi
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न तेरे आने से मेरा शबाब लौटा है न दिल लगाने से मेरा शबाब लौटा है क़सम ख़ुदा की बताता हूँ राज़ ये तुम को नहारी खाने से मेरा शबाब लौटा है
Paplu Lucknawi
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बच्चों तुम्हीं बताओ कि मईया कहाँ गई रस्ते में छोड़कर ये सुरईया कहाँ गई इन रक्षकों के ख़ौफ़ से घर में छुपा हूँ मैं पूछेंगे ये ज़रूर कि गईया कहाँ गई
Paplu Lucknawi
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कोई भी रोक न पाता, गुज़र गया होता मेरा नसीब-ए-मोहब्बत सँवर गया होता न आईं होती जो बेग़म मेरी अयादत को मैं अस्पताल की नर्सों पर मर गया होता
Paplu Lucknawi
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