बच्चों तुम्हीं बताओ कि मईया कहाँ गई रस्ते में छोड़कर ये सुरईया कहाँ गई इन रक्षकों के ख़ौफ़ से घर में छुपा हूँ मैं पूछेंगे ये ज़रूर कि गईया कहाँ गई
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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उठाओ कैमरा तस्वीर खींच लो इन की उदास लोग कहाँ रोज़ मुस्कराते हैं
Malikzada Javed
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मेरा किरदार मेरी बात कहाँ सुनता है ये समझदार मेरी बात कहाँ सुनता है इश्क़ है वादा-फ़रामोश नहीं है कोई दिल तलबगार मेरी बात कहाँ सुनता है
Vishal Singh Tabish
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कहाँ तो ख़ाक उड़ाता था मुस्कुराता था मुझ ऐसे शख़्स को भी क्या से क्या बनाया गया
Vivek Bijnori
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लोग औरत को फ़क़त जिस्म समझ लेते हैं रुह भी होती है उस में ये कहाँ सोचते हैं
Sahir Ludhianvi
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मैं क्या करूँँ मेरी बेगम सुहाग ढूँढ़े है मेरे बुझे हुए चूल्हे में आग ढूँढ़े है वो दिन गए कि उड़ाते थे फ़ाख़्ताएँ हम सपेरा चूहे के इक बिल में नाग ढूँढ़े है
Paplu Lucknawi
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मुत्तकी हो गया ख़ौफ़-ए-बीवी से मैं अब इबादत का सौदा मेरे सर में है मैं ने दाढ़ी बढ़ाई तो कहने लगी अब कमीना ये हूरों के चक्कर में है
Paplu Lucknawi
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खद्दर पहन के बेच रहा था शराब वो देखा मुझे तो हाथ में झंडा उठा लिया मैं भी कोई गँवार सिपाही न था जनाब मैं ने भी जाम फेंक के डंडा उठा लिया
Paplu Lucknawi
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मसाइल तो बहुत से हैं मगर बस एक ही हल है सहरस शाम तक सर मेरा है बेगम की चप्पल है मेरे मालिक भला इस सेे बुरी भी क्या सज़ा होगी मेरा शादीशुदा होना ही दोज़ख़ की रिहर्सल है
Paplu Lucknawi
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उतरी हुई नदी को समुंदर कहेगा कौन सत्तर अगर हैं आप बहत्तर कहेगा कौन पपलू से उन की बीवी ने कल रात कह दिया मैं देखती हूँ आप को शौहर कहेगा कौन
Paplu Lucknawi
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