sherKuch Alfaaz

मसाइल तो बहुत से हैं मगर बस एक ही हल है सहरस शाम तक सर मेरा है बेगम की चप्पल है मेरे मालिक भला इस सेे बुरी भी क्या सज़ा होगी मेरा शादीशुदा होना ही दोज़ख़ की रिहर्सल है

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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा

Bashir Badr

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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है

Shabeena Adeeb

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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं

Varun Anand

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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया

Tehzeeb Hafi

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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

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मैं क्या करूँँ मेरी बेगम सुहाग ढूँढ़े है मेरे बुझे हुए चूल्हे में आग ढूँढ़े है वो दिन गए कि उड़ाते थे फ़ाख़्ताएँ हम सपेरा चूहे के इक बिल में नाग ढूँढ़े है

Paplu Lucknawi

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न तेरे आने से मेरा शबाब लौटा है न दिल लगाने से मेरा शबाब लौटा है क़सम ख़ुदा की बताता हूँ राज़ ये तुम को नहारी खाने से मेरा शबाब लौटा है

Paplu Lucknawi

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मुत्तकी हो गया ख़ौफ़-ए-बीवी से मैं अब इबादत का सौदा मेरे सर में है मैं ने दाढ़ी बढ़ाई तो कहने लगी अब कमीना ये हूरों के चक्कर में है

Paplu Lucknawi

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बच्चों तुम्हीं बताओ कि मईया कहाँ गई रस्ते में छोड़कर ये सुरईया कहाँ गई इन रक्षकों के ख़ौफ़ से घर में छुपा हूँ मैं पूछेंगे ये ज़रूर कि गईया कहाँ गई

Paplu Lucknawi

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पैसा कमाने आते हैं सब राजनीति में आता नहीं है कोई भी खोने के वास्ते छम्मो का मुजरा सुनते हैं नेता जो रात भर संसद भवन में आते हैं सोने के वास्ते

Paplu Lucknawi

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