ख़मोशी के मुक़ाबिल कुछ नहीं है तुम्हारे सामने दिल कुछ नहीं है तुम्हें पाने की ख़्वाहिश क्यूँँ करें हम हमें वैसे भी हासिल कुछ नहीं है
Related Sher
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
325 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
271 likes
More from Kush Pandey ' Saarang '
शराफ़त ठीक पर इतनी न होनी चाहिए समय के साथ ख़ुद को भी बदलते जाइए यही हुश्यार होने का तरीका है यहाँ हमारी मानिए तो ख़ूब धोखे खाइए
Kush Pandey ' Saarang '
0 likes
नहीं होते जुदा ऐसे कभी दो लोग दुनिया में मियाँ आपस में दोनों का ख़फ़ा होना ज़रूरी है पुराने जब तलक बनकर रहोगे याद आएगी ज़माने की तरह तुम को नया होना ज़रूरी है
Kush Pandey ' Saarang '
0 likes
उसे भी रोकते किस बात से हम लड़े तन्हा यहाँ हर रात से हम
Kush Pandey ' Saarang '
1 likes
सफल केवल समझता हूँ उसी को खिला दे रोटियाँ जो हर किसी को समझ में ये नहीं आता मुझे बस ख़ुदा ने क्यूँँ बनाया बेबसी को
Kush Pandey ' Saarang '
0 likes
थोड़ी ख़ुशियाँ थोड़ी सी मायूसी है शायद मेरा होना ही मनहूसी है छुप कर मुझ को पढ़ने वालों ध्यान रहे यूँँ छुप कर पढ़ना भी इक जासूसी है
Kush Pandey ' Saarang '
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Kush Pandey ' Saarang '.
Similar Moods
More moods that pair well with Kush Pandey ' Saarang ''s sher.







