ख़्वाब की ख़ातिर ज़मीं ढूँढ़ते हैं आप कहीं हम कहीं ढूँढ़ते हैं
Related Sher
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
331 likes
More from Taufique Habib
क्यूँ हिमायत में किसी की हम फोड़ दें आँखें किसी की हम
Taufique Habib
1 likes
क्यूँ हिमायत में किसी की हम फोड़ दें आँखें किसी की हम है मुयस्सर अक़्ल तो फिर क्यूँ बातों में आएँ किसी की हम
Taufique Habib
1 likes
इश्क़ की तुम वहशत देखो हो गई क्या हालत देखो
Taufique Habib
2 likes
लोग सब सोच कर अगर बोलें तो हमेशा ही मुख़्तसर बोलें
Taufique Habib
1 likes
यही हालत बदलना चाहता हूँ बुरी आदत बदलना चाहता हूँ
Taufique Habib
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Taufique Habib.
Similar Moods
More moods that pair well with Taufique Habib's sher.







