ख़्वाब में शायद मिरा बिछड़ा हुआ महबूब था अस्ल में कल रात बिस्तर सिलवटों से भर गया
Related Sher
क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
156 likes
पूछ लेते वो बस मिज़ाज मिरा कितना आसान था इलाज मिरा
Fahmi Badayuni
150 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
More from arjun chamoli
ये बताओ इश्क़ का ये फ़लसफ़ा क्या है दूरियाँ जब मिट गई तो अब बचा क्या है
arjun chamoli
0 likes
नक़ली आँसू झूठी क़स्में सब पर्दे हैं नज़ाकत के बस बाज़ार लगे हैं जज़्बों के सौदे हैं शराफ़त के ख़ुद-ग़रज़ी के हैं अल्फ़ाज़ मोहब्बत के अफ़साने में फिर भी लाते हैं चेहरे पर झूठे रंग इनायत के
arjun chamoli
1 likes
तड़प के रोए हैं चेहरा अगर छुपाया है कि लोग देख न ले आँख में समुंदर को
arjun chamoli
0 likes
रोज़ अंदाज़ बदलते हैं मिरी क़िस्मत के पुर-ख़तर ख़्वाब में दुश्मन थे मिले फ़रहत के
arjun chamoli
2 likes
ग़ुबार दिल में रहा ज़ख़्म भर नहीं पाया हुई थी बात मगर बात थी अधूरी सी
arjun chamoli
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on arjun chamoli.
Similar Moods
More moods that pair well with arjun chamoli's sher.







