sherKuch Alfaaz

ख़ूब-सूरत साथ बीते वो हमारे पल सभी थे थे मगर गुज़रे हुए बस वो हमारे कल सभी थे

ATUL SINGH20 Likes

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कभी जो ख़्वाब था वो पा लिया है मगर जो खो गई वो चीज़ क्या थी

Javed Akhtar

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उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा

Iftikhar Naseem

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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं

Zubair Ali Tabish

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सुहागन भी बता देगी मगर तुम पूछो विधवा से ये मंगलसूत्र ज़ेवर के अलावा भी बहुत कुछ है ये क्या इक मक़बरे को आख़री हद मान बैठे हो मोहब्बत संग-ए-मरमर के अलावा भी बहुत कुछ है

Zubair Ali Tabish

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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे

Vikram Gaur Vairagi

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