ख़ुद से मिले हुए जो ज़माने गुज़र गए इक शख़्स आईने में पराया लगा मुझे
Related Sher
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो
Rafi Raza
107 likes
मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
157 likes
और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा
Faiz Ahmad Faiz
106 likes
More from Khalid Azad
तुम्हारे ख़्वाब आँखों में सजा कर किसी दिल में ठिकाना कर रहे हैं
Khalid Azad
1 likes
मैं भी तो इसी ख़ाक से तामीर हुआ हूँ मुझ में भी कई रंग ज़माने के मिलेंगे
Khalid Azad
1 likes
ख़ुद से मिलने का वक़्त मिल जाए तेरे बारे में तब मैं सोचूँगा
Khalid Azad
1 likes
मैं ने कमरे से देख ली दुनिया तेरी तस्वीर सामने रख कर
Khalid Azad
1 likes
दुख उदासी थकन को ओढ़े हुए जी रहे हैं चलन को ओढ़े हुए
Khalid Azad
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Khalid Azad.
Similar Moods
More moods that pair well with Khalid Azad's sher.







