खुल के मैदाँ में आ सकोगे क्या इतनी हिम्मत जुटा सकोगे क्या अपने पंजों के बल खड़े हो कर तुम मेरा क़द घटा सकोगे क्या
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सब्र आने की देर है वरना तू भी दिल से उतर ही जाएगा
Wajid Husain Sahil
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वक़्त हर वक़्त कहाँ एक सा रह पाता है माज़ी जाता है तो फिर हाल बदल जाता है दिन महीने दरो-दीवार वही रहते हैं बस कैलेंडर है जो हर साल बदल जाता है
Wajid Husain Sahil
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कोई इतना किसी के वास्ते क्यूँ ख़ास होता है बिछड़ जाता है जब वो शख़्स तो एहसास होता है
Wajid Husain Sahil
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वो हाथों से निकलते जा रहे हैं जिन्हें सर पे बिठाना चाहता हूँ
Wajid Husain Sahil
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उस ने माँगा नहीं कुछ और जुदाई के सिवा लेकिन अब उस को मैं इनकार नहीं कर सकता
Wajid Husain Sahil
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