कोई इतना किसी के वास्ते क्यूँ ख़ास होता है बिछड़ जाता है जब वो शख़्स तो एहसास होता है
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
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यूँँ इन आँखों को तड़पने की सज़ा दी उस ने अपनी तस्वीर ही डीपी से हटा दी उस ने
Wajid Husain Sahil
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वक़्त हर वक़्त कहाँ एक सा रह पाता है माज़ी जाता है तो फिर हाल बदल जाता है दिन महीने दरो-दीवार वही रहते हैं बस कैलेंडर है जो हर साल बदल जाता है
Wajid Husain Sahil
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नया कुछ कर दिखाने का इरादा टूट जाता है किसी बच्चे के हाथों जब खिलौना टूट जाता है
Wajid Husain Sahil
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ख़्याल बन के ज़माने को याद आएँगे हम ऐसे शख़्स कहाँ, जो भुला दिए जाएँ
Wajid Husain Sahil
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ख़िरद ने दी जो दबिश मेरे दफ़्तरे-दिल पर तेरा ख़याल मिला है मेरे ठिकानों से
Wajid Husain Sahil
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