नया कुछ कर दिखाने का इरादा टूट जाता है किसी बच्चे के हाथों जब खिलौना टूट जाता है
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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ये जहाँ प्यार ही से रौशन है कुछ यहाँ प्यार बिन नहीं होता प्यार की एक उम्र होती है प्यार का एक दिन नहीं होता
Wajid Husain Sahil
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जो ज़ख़्म दर्द की तावील बन के आया था वो गोया सब्र की तकमील बन के आया था था अज़्म तो मेरा असहाबे-फी़ल सा लेकिन मेरा नसीब अबाबील बन के आया था
Wajid Husain Sahil
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जुदा होकर कोई अपनो से ऐसा टूट जाता है की जैसे चोट से पत्थर की शीशा टूट जाता है मुझे डोली उठानी थी मगर मय्यत उठाता हूँ है ये भी फ़र्ज़ पर इस में तो काँधा टूट जाता है
Wajid Husain Sahil
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हाट इक रोज़ मेरे गाँव का आ कर देखो यहाॅं फ़्रीज़र नहीं मिट्टी के घड़े मिलते हैं
Wajid Husain Sahil
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वो हाथों से निकलते जा रहे हैं जिन्हें सर पे बिठाना चाहता हूँ
Wajid Husain Sahil
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