जुदा होकर कोई अपनो से ऐसा टूट जाता है की जैसे चोट से पत्थर की शीशा टूट जाता है मुझे डोली उठानी थी मगर मय्यत उठाता हूँ है ये भी फ़र्ज़ पर इस में तो काँधा टूट जाता है
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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यूँँ जो तकता है आसमान को तू कोई रहता है आसमान में क्या
Jaun Elia
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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यूँँ इन आँखों को तड़पने की सज़ा दी उस ने अपनी तस्वीर ही डीपी से हटा दी उस ने
Wajid Husain Sahil
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सब्र आने की देर है वरना तू भी दिल से उतर ही जाएगा
Wajid Husain Sahil
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नया कुछ कर दिखाने का इरादा टूट जाता है किसी बच्चे के हाथों जब खिलौना टूट जाता है
Wajid Husain Sahil
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मुझ से वो बोलता नहीं लेकिन मेरे बारे में बोलता है बहुत
Wajid Husain Sahil
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मुझ सेे वो बोलता नहीं लेकिन मेरे बारे में बोलता है बहुत
Wajid Husain Sahil
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