sherKuch Alfaaz

कि ऐसा हो कोई क़ातिल मुझे मारे बचा भी ले ज़रा जाना नज़र डालो मुझे ख़ुद से बचा लो तुम

More from Ali Nazim Adam

मैं तो ये सोच भी नहीं सकता तेरे बिन तो मैं जी नहीं सकता हाथ में है तिरे लबों का जाम अपने होंटो को सी नहीं सकता

Ali Nazim Adam

0 likes

यार मुझ को आपसे अब तो मुहब्बत भी नहीं है और मुझ को मेरे घर से ये इजाज़त भी नहीं है आप तो कर भी नहीं सकते दुआ हक़ में हमारे मत करो अब आप को कोई ज़रूरत भी नहीं है

Ali Nazim Adam

1 likes

वो मेरे पास से वापस अगर आ कर नहीं जाता तो मेरी आँख से उस का कभी पैकर नहीं जाता जो उस के पास से होकर गुज़र जाए कभी तो फिर बसर कोई भी हो अपने सलामत घर नहीं जाता

Ali Nazim Adam

1 likes

नंगे तो सब इक जैसे लगते हैं कपड़ो मैं तो सब अच्छे लगते हैं साथ हमारे तुम प्यारे लगते हो साथ तुम्हारे हम कैसे लगते हैं

Ali Nazim Adam

1 likes

मिरे तिश्ना लबों को तुम ज़रा सी मय-कशी दे दो तुम्हें डरना नहीं है अब के लब से लब मिला लो तुम

Ali Nazim Adam

1 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Ali Nazim Adam.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Ali Nazim Adam's sher.