कि जिन के घर में अताअत रसूल होती है हमेशा उन की इबादत क़ुबूल होती है
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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ज़िंदगी किस तरह बसर होगी दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
Jaun Elia
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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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उस की तस्वीर से अक्सर मैं कहा करता हूँ बे वफ़ा तू है मगर मैं तो वफ़ा करता हूँ
Muneer shehryaar
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तुम सेे दिल को यही शिकायत है ये मोहब्बत है या अदावत है
Muneer shehryaar
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वो जो नज़रों से दूर होते हैं वो ही दिल के सुरूर होते हैं वो ही करते हैं ज़िंदगी काली वो जो आँखों के नूर होते हैं
Muneer shehryaar
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नींद बच्चों को यूँँ भी तो आती रही नानी उन की कहानी सुनाती रही वो जो लड़की ज़माने में मासूम थी उस को पागल ये दुनिया बनाती रही
Muneer shehryaar
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एक तोते की तरह फेर ली नज़रें उस ने वो जो हर बात पे लब्बैक कहा करता था
Muneer shehryaar
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