किसी भी शय पे आ जाने में कितनी देर लगती है मगर फिर दिल को समझाने में कितनी देर लगती है ज़रा सा वक़्त लगता है कहीं से उठ के जाने में मगर फिर लौट कर आने में कितनी देर लगती है
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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कितनी उजलत में मिटा डाला गया आग में सब कुछ जला डाला गया
Manish Shukla
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दुनिया वालों ने तो पूरी कोशिश की ठुकराने की लेकिन अपनी जिद्द में हम ने ख़ुद को मनवा रक्खा है
Manish Shukla
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किसी के इश्क़ में बर्बाद होना हमें आया नहीं फ़रहाद होना
Manish Shukla
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बात करने का हसीं तौर-तरीक़ा सीखा हम ने उर्दू के बहाने से सलीक़ा सीखा
Manish Shukla
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