किसी हसीन परी को क़ुबूल करने में हमें ज़माना लगा है ये भूल करने में
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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कमाल ये नहीं उस को भुला चुका हूँ मैं कमाल ये है बहुत दूर जा चुका हूँ मैं
Hameed Sarwar Bahraichi
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एक किरदार सिमट आया फ़साने भर में ज़ख़्म नासूर हुआ सब को दिखाने भर में थी बड़ी बात बदलता जो हमारा मेआ'र वरना ये साल ही बदलेगा ज़माने भर में
Hameed Sarwar Bahraichi
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हज़ारों बार अपनी बेबसी पर रो चुके हैं हम मगर फिर भी हमारी ज़िद है कश्ती पार करने की
Hameed Sarwar Bahraichi
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ये सोच कर किसी मजनूँ ने हाथ काटे हैं वो हाथ रख दे किसी ज़ख़्म पर तो शादाबी
Hameed Sarwar Bahraichi
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न ये पागल सा मजनू है, न अब फ़रहाद लगता है पस-ए-मुश्किल, हमारा दिल बड़ा ही शाद लगता है
Hameed Sarwar Bahraichi
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