एक किरदार सिमट आया फ़साने भर में ज़ख़्म नासूर हुआ सब को दिखाने भर में थी बड़ी बात बदलता जो हमारा मेआ'र वरना ये साल ही बदलेगा ज़माने भर में
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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ये सोच कर किसी मजनूँ ने हाथ काटे हैं वो हाथ रख दे किसी ज़ख़्म पर तो शादाबी
Hameed Sarwar Bahraichi
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कमाल ये नहीं उस को भुला चुका हूँ मैं कमाल ये है बहुत दूर जा चुका हूँ मैं वो छोड़ कर के गया जिस मुक़ाम पर मुझ को उसी मुक़ाम को मंज़िल बना चुका हूँ मैं
Hameed Sarwar Bahraichi
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हम मुनाफ़िक़ की किसी बात में आएँगे नहीं चाहे तन्हा रहें जज़्बात में आएँगे नहीं ज़र्फ़ वाले हैं मुहब्बत है हमारा पेशा या'नी कुछ भी हो ख़ुराफ़ात में आएँगे नहीं
Hameed Sarwar Bahraichi
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ज़िंदगी अब मज़ा नहीं देती काश कोई तो हम सफ़र होता चोट लगती तो हम संभल जाते काश ऐसा भी कुछ हुनर होता
Hameed Sarwar Bahraichi
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तुम ख़मोशी को सजाओ हम मगर ऐसे नहीं हम जताते ही रहेंगे हम को तुम सेे प्यार है
Hameed Sarwar Bahraichi
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