किसी की याद में इतना रहा हूँ मिरी आँखों के आँसू मर गए हैं
Related Sher
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
325 likes
More from Puneet Mishra Akshat
जिस को समझा था रौशनी-ए-क़मर शख़्स ऐसा वो आबगीना था उस सेे बिछड़े थे सर्द मौसम में साल का पहला ही महीना था
Puneet Mishra Akshat
1 likes
किसी की चंद रातों का सुधाकर हो नहीं पाया तुम्हारी उर्मियों का मैं, उर-अंतर हो नहीं पाया सरल थीं मन की प्रतिमाएं, मगर अफ़सोस है इतना मैं सब कुछ था तेरा, मेहंदी महावर हो नहीं पाया
Puneet Mishra Akshat
8 likes
ज़ख़्म हम दिल के दिखाएँ तो दिखाएँ कैसे हो गई है जो ख़ता उस को छिपाएँ कैसे मुफ़लिसी देख मेरी जिस ने भुलाया मुझ को ऐसे इन्साँ को वफा़दार बताएँ कैसे
Puneet Mishra Akshat
3 likes
कितने दर्द सहेजे हम ने,तब जा कर ये गीत लिखे हैं तुम क्या जानों इन नयनों की कितनी पीर पुरानी होगी
Puneet Mishra Akshat
6 likes
नए बरस से मुहब्बत नहीं करेंगे हम किसी से इश्क़ में ये आख़िरी दिसंबर है
Puneet Mishra Akshat
3 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Puneet Mishra Akshat.
Similar Moods
More moods that pair well with Puneet Mishra Akshat's sher.







