sherKuch Alfaaz

कोई तो सदमा लगा है ज़रूर मुझ को भी थकन शदीद है और नींद भी उड़ी हुई है नजूमी तकते हैं बेचारगी से मेरी तरफ़ लकीर माथे पे जितनी भी थी मिटी हुई है

Ashraf Ali5 Likes

Related Sher

शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

Rahat Indori

435 likes

कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

521 likes

ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या

Jaun Elia

508 likes

उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी

Ali Zaryoun

361 likes

अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है

Abrar Kashif

221 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Ashraf Ali.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Ashraf Ali's sher.