कोई इतना सुलझा कैसे हो सकता है और सुलझ के उलझा कैसे हो सकता है
Related Sher
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
979 likes
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
179 likes
क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं
Tehzeeb Hafi
306 likes
More from Prit
उसे हर वक़्त करता हूँ महसूस वो जिसे आज तक छुआ ही नहीं
Prit
0 likes
आप कुछ ज़्यादा अपने आप से हैं वरना मुझ में तो कोई भी कमी नइँ
Prit
0 likes
तुम ने आदत बदलनी थी अपनी आदतन ख़ुद नहीं बदलना था
Prit
2 likes
शिफ़ा की बात आए तो सुख़न की मार मिलती है दिल-ए-बीमार को उम्मीद भी बीमार मिलती है
Prit
0 likes
तुझे पाना ज़रा मुश्किल सा लगता है तू इक मुफ़लिस के महँगे ख़्वाब जैसा है
Prit
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Prit.
Similar Moods
More moods that pair well with Prit's sher.







