शिफ़ा की बात आए तो सुख़न की मार मिलती है दिल-ए-बीमार को उम्मीद भी बीमार मिलती है
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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उसे हर वक़्त करता हूँ महसूस वो जिसे आज तक छुआ ही नहीं
Prit
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इश्क़ उस वक़्त बाज़ी जीत गया हार का हार पहना जब दिल ने
Prit
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घर की हालत ने कर दिया दाना वरना मैं भी बला का पागल था
Prit
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मरे भी तो तड़प तड़प के मरे ज़िंदगी भी हलाल में गुज़री
Prit
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यूँँ भी नाकाम किया ज़िंदगी को उम्र भर काम ही करते रहे हम
Prit
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