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कोई शिकवा न करे बहते हुए पानी से कश्तियाँ डूबी हैं कुछ अपनी ही मनमानी से

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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं

Fahmi Badayuni

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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

Rahat Indori

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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है

Abrar Kashif

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आज हम दोनों को फ़ुर्सत है, चलो इश्क़ करें इश्क़ दोनों की ज़रूरत है, चलो इश्क़ करें

Rahat Indori

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