kuchh be-thikana karti rahin hijraten mudam kuchh meri wahshaton ne mujhe dar-ba-dar kiya
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आईने आँख में चुभते थे बिस्तर से बदन कतराता था एक याद बसर करती थी मुझे मैं साँस नहीं ले पाता था
Tehzeeb Hafi
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हम हैं ना! ये जो मुझ सेे कहते हैं ख़ुद किसी और के भरोसे हैं ज़िंदगी के लिए बताओ कुछ ख़ुद-कुशी के तो सौ तरीक़े हैं
Vikram Gaur Vairagi
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दौलत शोहरत बीवी बच्चे अच्छा घर और अच्छे दोस्त कुछ तो है जो इन के बा'द भी हासिल करना बाक़ी है कभी-कभी तो दिल करता है चलती रेल से कूद पड़ूॅं फिर कहता हूँ पागल अब तो थोड़ा रस्ता बाक़ी है
Zia Mazkoor
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ये फ़िल्मों में ही सब को प्यार मिल जाता है आख़िर में मगर सचमुच में इस दुनिया में ऐसा कुछ नहीं होता चलो माना कि मेरा दिल मेरे महबूब का घर है पर उस के पीछे उस के घर में क्या-क्या कुछ नहीं होता
Tehzeeb Hafi
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हम ने दुनिया की तरफ़ देखा नहीं तुम को चाहा और कुछ सोचा नहीं
Aalok Shrivastav
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शिकायत उस से नहीं अपने आपसे है मुझे वो बे-वफ़ा था तो मैं आस क्यूँँ लगा बैठा
Sabir Zafar
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न इंतिज़ार करो इनका ऐ अज़ा-दारो शहीद जाते हैं जन्नत को घर नहीं आते
Sabir Zafar
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शाम से पहले तिरी शाम न होने दूँगा ज़िन्दगी मैं तुझे नाकाम न होने दूँगा
Sabir Zafar
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सुब्ह की सैर की करता हूँ तमन्ना शब भर दिन निकलता है तो बिस्तर में पड़ा रहता हूँ
Sabir Zafar
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वो क्यूँँ न रूठता मैं ने भी तो ख़ता की थी बहुत ख़याल रखा था बहुत वफ़ा की थी
Sabir Zafar
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