कुछ इस अदास आज मेरी ओर देखती है वो कि लग रहा है मुद्दतों के बा'द में मिली है वो वो सोचती है मेरा पहला पहला इश्क़ है मगर अब उस से क्या कहूँ कि मेरा जिस्म आख़िरी है वो
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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उस के पहलू में रात होती है बात करने पे बात होती है वैसे टाइम का कुछ पता तो नहीं हाँ मगर पौने सात होती है
Ankit Yadav
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वो जिस लिहाज़ से दुश्मन समझ रही है हमें हम उस लिहाज़ से तो वुल्वरीन होते हैं
Ankit Yadav
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कितने सावन बरसा करते उस के जानिब लेकिन अपनी ज़िद में प्यासा जंगल प्यासा ही रहता है
Ankit Yadav
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शहर-ए-मशहूर जा रहा है कोई हो के मजबूर जा रहा है कोई खिड़कियाँ पास आती जा रही हैं या'नी अब दूर जा रहा है कोई
Ankit Yadav
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बड़े अदब से बड़ी शराफ़त से देखता हूँ मैं उस की जानिब बड़ी तबीअत से देखता हूँ वो जाते जाते मुझे पलट कर के देखता तो ये देख लेता कि मैं मोहब्बत से देखता हूँ
Ankit Yadav
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