कुछ ख़ास ही मुझ सेे लगावट है उसे बाक़ी किसी से वो खफ़ा होती नहीं
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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ज़माना ख़ुद को बदले या न बदले ये उसी पर है कही पर तुम किसी की यूँँ न अपने आप को बदलो
Sarvjeet Singh
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वो जो मुझ को कुछ पल अपना लगता है क्यूँ वो कुछ पल बा'द पराया लगता है वो जो मेरे साथ बहुत सालों से है वो अब और किसी का साया लगता है वो बस मुझ सेे हँस के बातें करता है और न जाने सब को क्या-क्या लगता है उस के आगे मेरी क़ीमत ख़ास नहीं उस को जो हो महँगा सस्ता लगता है दिल की बातें दिल में रखना ठीक नहीं कह कर देखो काफ़ी अच्छा लगता है
Sarvjeet Singh
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तुझे क्या बद-दुआ दूँ मैं मुझे तड़पाने वाली अब ख़ुदा से माँगता हूँ ये कि तेरा भी भला ही हो
Sarvjeet Singh
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उसे इस बात का डर है कहीं कुछ छूट जाएगा मुझे इस बात का डर है कहीं सब कुछ न मिल जाए
Sarvjeet Singh
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सुंदरता अब इस पर निर्भर करती है क्या कौन यहाँ पर कपड़े कितने कम पहनेगा
Sarvjeet Singh
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