क्या कहूँ उस सेे अब वो बात नहीं उस तरह फिर से अब हो बात नहीं दूर होते रहे हमेशा हम बात बढ़ती रही जो बात नहीं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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याद पर हिचकियाँ गर आतीं हैं याद कर के तुम्हें सताएँगे
Toyesh prakash
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ज़रूरत हमें हो गई है मोहब्बत हमें हो गई है जो आदत थी पहले उसे तब वो आदत हमें हो गई है
Toyesh prakash
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मोहब्बत में जिसे अपना पता है मोहब्बत क्या है उस को क्या पता है
Toyesh prakash
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तू दिल में है, या तू दिल है पूछ रही है मेरी धड़कन
Toyesh prakash
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जिन को सागर तक ये दरिया लगता है फिर अकेला सा किनारा लगता है
Toyesh prakash
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