क्या ख़ुशी में ज़िंदगी का होश कम रह जाएगा ग़म अगर मिट भी गया एहसास-ए-ग़म रह जाएगा
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
208 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
More from Shakeel Badayuni
मुझे तो क़ैद-ए-मोहब्बत अज़ीज़ थी लेकिन किसी ने मुझ को गिरफ़्तार कर के छोड़ दिया
Shakeel Badayuni
11 likes
वो हम से ख़फ़ा हैं हम उन से ख़फ़ा हैं मगर बात करने को जी चाहता है जहाँ इश्क़ में डूब कर रह गए हैं वहीं फिर उभरने को जी चाहता है
Shakeel Badayuni
14 likes
क़ैद से छूट के भी क्या पाया आज भी पाँव में ज़ंजीर तो है
Shakeel Badayuni
15 likes
बे-क़रार कर के हमें यूँँ न जाइए आप को हमारी क़सम लौट आइए
Shakeel Badayuni
12 likes
तिरे बग़ैर अजब बज़्म-ए-दिल का आलम है चराग़ सैंकड़ों जलते हैं रौशनी कम है
Shakeel Badayuni
21 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shakeel Badayuni.
Similar Moods
More moods that pair well with Shakeel Badayuni's sher.







