क्यूँँ मुझे ऐसा कभू लगता है चाँद के रिश्ते में तू लगता है मैं ने अब छोड़ दिया दिल का काम दिल के कामों में लहू लगता है
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प्यार का रिश्ता ऐसा रिश्ता शबनम भी चिंगारी भी या'नी उन सेे रोज़ ही झगड़ा और उन्हीं से यारी भी
Ateeq Allahabadi
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मौत का एक दिन मुअय्यन है नींद क्यूँँ रात भर नहीं आती
Mirza Ghalib
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कितना महफ़ूज़ हूँ मैं कोने में कोई अड़चन नहीं है रोने में मैं ने उस को बचा लिया वरना डूब जाता मुझे डुबोने में
Fahmi Badayuni
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मैं चाहता था मुझ सेे बिछड़ कर वो ख़ुश रहे लेकिन वो ख़ुश हुआ तो बड़ा दुख हुआ मुझे
Umair Najmi
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तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
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ये कह के उस की सहूलियत का ख़याल रक्खा है मैं ने ख़ुद ही अगर मैं पूछूँ कि बात हो सकती है हमारी तो कहना "ऊँ हूँ"
Intzar Akhtar
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उस की ख़ामोशी ने रंग ले लिया है या'नी अब मैं ख़ून थूकने लगा हूँ
Intzar Akhtar
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कि अब तो हम ने क़सम भी खा ली है अपने सर की किसी से भी ये नहीं कहेंगे उदास हैं हम
Intzar Akhtar
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हम घिस रहे थे इश्क़ की उम्मीद में दिल का चराग़ क़िस्मत मुबारक हो वहाँ से दर्द का जिन्न निकला है
Intzar Akhtar
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मैं चाहूँगा दर्द ये मेरे साथ रहे हर दम तुम पर ही अपनी बेटी का नाम रखूँगा मैं
Intzar Akhtar
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