उस की ख़ामोशी ने रंग ले लिया है या'नी अब मैं ख़ून थूकने लगा हूँ
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
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ये कह के उस की सहूलियत का ख़याल रक्खा है मैं ने ख़ुद ही अगर मैं पूछूँ कि बात हो सकती है हमारी तो कहना "ऊँ हूँ"
Intzar Akhtar
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कि अब तो हम ने क़सम भी खा ली है अपने सर की किसी से भी ये नहीं कहेंगे उदास हैं हम
Intzar Akhtar
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क्यूँँ मुझे ऐसा कभू लगता है चाँद के रिश्ते में तू लगता है मैं ने अब छोड़ दिया दिल का काम दिल के कामों में लहू लगता है
Intzar Akhtar
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तेरे होंठ हैं दो ख़ूबसूरत-तरीं मिसरे इजाज़त अगर हो शे'र अपना बना लूँ मैं
Intzar Akhtar
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दश्त में है इक ग़ज़ाला अमृता जैसी जिस की दुनिया का मुझे इमरोज़ होना है
Intzar Akhtar
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