ये कह के उस की सहूलियत का ख़याल रक्खा है मैं ने ख़ुद ही अगर मैं पूछूँ कि बात हो सकती है हमारी तो कहना "ऊँ हूँ"
Related Sher
तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
125 likes
मैं जब मर जाऊँ तो मेरी अलग पहचान लिख देना लहू से मेरी पेशानी पे हिंदुस्तान लिख देना
Rahat Indori
125 likes
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
489 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
More from Intzar Akhtar
उस की ख़ामोशी ने रंग ले लिया है या'नी अब मैं ख़ून थूकने लगा हूँ
Intzar Akhtar
0 likes
हम घिस रहे थे इश्क़ की उम्मीद में दिल का चराग़ क़िस्मत मुबारक हो वहाँ से दर्द का जिन्न निकला है
Intzar Akhtar
0 likes
कि अब तो हम ने क़सम भी खा ली है अपने सर की किसी से भी ये नहीं कहेंगे उदास हैं हम
Intzar Akhtar
0 likes
कुछ मोहब्बत है और बाक़ी दर्द और दुनिया में रक्खा ही क्या है
Intzar Akhtar
0 likes
क्यूँँ मुझे ऐसा कभू लगता है चाँद के रिश्ते में तू लगता है मैं ने अब छोड़ दिया दिल का काम दिल के कामों में लहू लगता है
Intzar Akhtar
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Intzar Akhtar.
Similar Moods
More moods that pair well with Intzar Akhtar's sher.







