क्यूँँ हैं मुझ से ये ग़म-ग़ुसार ख़फ़ा कि मैं तो यारो दर्द लिखता हूँ
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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ये समय जो है कि मुझ सेे अब तो कटता भी नहीं और ऐसा भी नहीं मैं जो कि लिख नहीं रहा
Naresh sogarwal 'premi'
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ज़िंदगी की सीख मुफ़्त में कहाँ से लाइए जाइए जनाब आप पहले दिल लुटाइए
Naresh sogarwal 'premi'
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यही था हक़ तिरा क्या वो यही मुहब्बत थी मना किया था तुझे और तू ये मान गई
Naresh sogarwal 'premi'
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ये हुनर भी लिखने का मुझ में तो नहीं था पर इश्क़ जो भी करते हैं शा'इरी ही करते हैं
Naresh sogarwal 'premi'
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निशात-ओ-ऐश-ए-अलम की न ही दवा लीजे अगर कमाना है इल्म इस की फिर सज़ा लीजे
Naresh sogarwal 'premi'
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