लफ़्ज़ों के वार करते हो तुम भी अजीब हो कह दो न साफ़-साफ़ मिरी जान चाहिए
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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तुम्हारी आँखों की तौहीन है ज़रा सोचो तुम्हारा चाहने वाला शराब पीता है
Munawwar Rana
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सुहागन भी बता देगी मगर तुम पूछो विधवा से ये मंगलसूत्र ज़ेवर के अलावा भी बहुत कुछ है ये क्या इक मक़बरे को आख़री हद मान बैठे हो मोहब्बत संग-ए-मरमर के अलावा भी बहुत कुछ है
Zubair Ali Tabish
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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आँखों में आए लम्हे को बैठे निकल गए मैं जागा इस से पहले ही सपने निकल गए
Aasif Munawwar
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प्यार तो हर कोई कर लेता है लेकिन 'आसिफ़' उस का इज़हार भी करने को जिगर लगता है
Aasif Munawwar
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वक़्त-ए-रुख़्सत थी नमी उस की भी आँखों में जब प्यार 'आसिफ़' का भला कैसे भुलाया होगा
Aasif Munawwar
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चंद लुक़्में, लिबास और मस्कन इतनी होती है आदमी की भूक
Aasif Munawwar
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एक लड़की उदास रहती है जो मिरे आस पास रहती है
Aasif Munawwar
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