लहू से लिक्खी किताब होगी कहाँ सुना था ये ज़िन्दगी भी अ़ज़ाब होगी कहाँ सुना था ख़राब होगी यहाँ पे हालत सुना था मैं ने मग़र ये इतनी ख़राब होगी कहाँ सुना था
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किताबें बंद कर के जब मैं बिस्तर पर पहुँचता हूँ तुम्हारी याद भी आ कर बगल में लेट जाती है
Bhaskar Shukla
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वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से वो और थे जो हार गए आसमान से
Faheem Jogapuri
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अब हवाएँ ही करेंगी रौशनी का फ़ैसला जिस दिए में जान होगी वो दिया रह जाएगा
Mahshar Badayuni
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मुझ को किस दश्त से लाई थी कहाँ छोड़ गई इन हवाओं से कोई पूछने वाला भी नहीं
Tehzeeb Hafi
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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वादी झरने बर्फ़ की बातें करता है वो दिल ही में कश्मीर बसाए बैठा है
Shivang Tiwari
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मैं तेरी दुश्मनी को कुछ दिनों में भूल जाता हूँ मगर वो दोस्ती मुझ को अभी भी याद आती है
Shivang Tiwari
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एक क़िस्मत है जो लाती है ख़रीदार मगर एक तक़दीर है सौदा नहीं होने देती
Shivang Tiwari
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बहुत कठिन है मगर फिर भी चल के देखूँगा मैं एक बार तो घर से निकल के देखूँगा तवील अर्से से मंज़िल नहीं मिली तो क्या हदफ़ वही है मैं रस्ता बदल के देखूँगा
Shivang Tiwari
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मैं हिज्र का मारा हुआ हूँ इस लिए मुझ को दुआएँ दे दवाई रहने दे
Shivang Tiwari
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