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लोग चाहे ज़ुल्म बरताएँ तुझी पर मुस्कुरा के उन सभी का तू भला कर

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मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग

Ismail Raaz

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लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँँ हैं इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँँ हैं मोड़ होता है जवानी का सँभलने के लिए और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँँ हैं

Rahat Indori

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ख़ुद को इतना भी मत बचाया कर बारिशें हों तो भीग जाया कर काम ले कुछ हसीन होंठों से बातों बातों में मुस्कुराया कर

Shakeel Azmi

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राम कथा में जाने वाले लाखों लोग राम के जैसा बनने वाला एक नहीं

Tanoj Dadhich

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लोग हम सेे सीखते हैं ग़म छुपाने का हुनर आओ तुम को भी सिखा दें मुस्कुराने का हुनर क्या ग़ज़ब है तजरबे की भेंट तुम ही चढ़ गए तुम से ही सीखा था हम ने दिल दुखाने का हुनर

Kashif Sayyed

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