शाना-ब-शाना हैं खड़े दर पे तिरे छोटा बड़ा कोई नहीं दरबार में
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
Ashu Mishra
117 likes
तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
130 likes
ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना ये सारे खेल हैं, इन में उदास मत होना
Kumar Vishwas
117 likes
More from Rizwan Khoja "Kalp"
तू ने ग़ैरों की कही बातें सुनी अपना सच हम से सुनाना रह गया
Rizwan Khoja "Kalp"
0 likes
रौशन नज़र आता है मजलिसों में वो शख़्स रातों का जला हुआ है
Rizwan Khoja "Kalp"
0 likes
उम्र भर मैं ने की है इबादत तिरी इश्क़ की तब हुई है इनायत तिरी
Rizwan Khoja "Kalp"
0 likes
माह यूँँ ही गुज़रता तिरी याद में ईद के चाँद सी है मुहब्बत तिरी
Rizwan Khoja "Kalp"
0 likes
शोहरत क्या बख़्शेगी हमें दुनिया जो ख़ुद नाकारी है
Rizwan Khoja "Kalp"
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rizwan Khoja "Kalp".
Similar Moods
More moods that pair well with Rizwan Khoja "Kalp"'s sher.







