लोग दोनों का दुख समझ पाएँ रोइए आप थोड़ा मेरे लिए
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कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे
Jaun Elia
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ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे इक आग का दरिया है और डूब के जाना है
Jigar Moradabadi
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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तुम्हारे बा'द ये दुख भी तो सहना पड़ रहा है किसी के साथ मजबूरी में रहना पड़ रहा है
Ali Zaryoun
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सुनी है ये ख़बर जबसे भरोसा उठ गया मेरा दवाई खा रहे थे जो दवाई खा गई उन को
Tarique Jamal
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सूखते पेड़ में जान आ ही गई ज़ख़्म को आपने जब हरा कह दिया
Tarique Jamal
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रूह का जिस्म से जुदा होना आप की हम कमी समझते हैं
Tarique Jamal
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पोस्ट करते हैं सिर्फ़ दो मिसरे शे'र को वक़्त भी नहीं देते
Tarique Jamal
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जब से तुम्हारे नाम का टैटू है मेरे साथ मुझ को ये लग रहा है कि बस तू है मेरे साथ
Tarique Jamal
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