माएँ देख कर मैं कह सकता हूँ ये दावे से झूठ है कि घर को औरत ख़राब करती है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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पहले ही इश्क़ ने ये बताया मुझे छोड़ कर जाएगी आशिक़ी दर्द में मौत को कहते हैं सब बुरा दर्द क्यूँ कितना आराम है आख़िरी दर्द में
Saahir
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उस का नाम सुनाई देने की वजह मेरे पड़ोस की छोटी बच्ची है दोस्त मेरे ख़यालों में ही पक्कापन है मेरी उम्र अभी भी कच्ची है दोस्त
Saahir
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अपने गाँव बैठ कर सोच रहा था मैं ये सब कौन ख़रीदेगा अब उस शहरी औरत के फूल
Saahir
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उम्र का हर इक पड़ाव कुछ यूँँ देखा है मैं ने देखे हैं मैं ने उगते खिलते और झड़ते फूल
Saahir
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रोते-रोते सोए थे नहीं पता फिर किस का सर था किस के कंधे पर
Saahir
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