मान कर के वफ़ा की सब शर्तें हम ने दुनिया सँभाल रक्खी है
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वो ज़माना गुज़र गया कब का था जो दीवाना मर गया कब का
Javed Akhtar
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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हार हो जाती है जब मान लिया जाता है जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है
Shakeel Azmi
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ये कहना था उन से मोहब्बत है मुझ को ये कहने में मुझ को ज़माने लगे हैं
Khumar Barabankvi
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यूँँ जो तकता है आसमान को तू कोई रहता है आसमान में क्या
Jaun Elia
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तुम्हारे साथ जो हँसता बहलता एक लड़का है पलटकर रो भी पड़ता है, मगर तुझ सेे नहीं कहता
SWAPNIL YADAV 'NIL'
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कोई छोड़ के जाए तो हैरत कैसी ख़ुदस समझौता क्या पहली बार किया
SWAPNIL YADAV 'NIL'
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हम लेटे रहते हैं पी कर इतने जाम उदासी के इक साक़ी सी दुनिया आगे रक़्स हमारे करती है
SWAPNIL YADAV 'NIL'
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आप का अक्स मुझ में अमृत था आप का हिज्र दिल पे आरी है
SWAPNIL YADAV 'NIL'
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न लौटोगे कभी तुम जानता हूँ ये मेरी ज़िंदगी है फ़िल्म थोड़ी
SWAPNIL YADAV 'NIL'
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