महीनों फूल भिजवाने पड़े थे वो पहली बार जब रूठा था मुझ से
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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वो झूठ बोल रहा था बड़े सलीक़े से मैं ए'तिबार न करता तो और क्या करता
Waseem Barelvi
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आँख में नम तक आ पहुँचा हूँ उस के ग़म तक आ पहुँचा हूँ पहली बार मुहब्बत की थी आख़िरी दम तक आ पहुँचा हूँ
Khalil Ur Rehman Qamar
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सब सेे बेज़ार हो गया हूँ मैं ज़ेहनी बीमार हो गया हूँ मैं कोई अच्छी ख़बर नहीं मुझ में या'नी अख़बार हो गया हूँ मैं
Mehshar Afridi
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पहले सौ बार इधर और उधर देखा है तब कहीं डर के तुम्हें एक नज़र देखा है
Majrooh Sultanpuri
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तेरे कहने से ये जादू नहीं होने वाला अब सितारा कोई जुगनू नहीं होने वाला फिर भी बेताब हूँ कितना मैं तेरा होने को जानता हूँ कि मेरा तू नहीं होने वाला
Varun Anand
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हाकिम को इक चिट्ठी लिक्खो सब के सब और उस में बस इतना लिखना लानत है
Varun Anand
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न जाने कौन सी आए सदा पसंद उसे सो हम सदाएँ बदल कर सदाएँ देते रहे
Varun Anand
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ये कितनी लाशें सहेजे किसे कहाँ रक्खें कि तंग आ गई है अब ज़मीन लोगों से
Varun Anand
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हमीं तलाश के देते हैं रास्ता सब को हमीं को बा'द में रस्ता दिखाया जाता है
Varun Anand
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